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शोध: सीने में दर्द ही नहीं, हाथ-पैर ठंडे पड़ना और सांस फूलना भी हार्ट अटैक के…

हार्ट अटैक का नाम आते ही सबसे पहले सीने में दर्द याद आता है, लेकिन नए शोध ने कुछ दूसरे गंभीर संकेतों पर ध्यान खींचा है। हार्ट अटैक के मरीजों में हाथ-पैर ठंडे पड़ना और फेफड़ों में खरखराहट अस्पताल में मौत के ज्यादा जोखिम से जुड़ी मिली है। सांस फूलना भी अहम संकेत है। तो क्या सिर्फ सीने में दर्द का इंतजार करना खतरनाक हो सकता है और किन संकेतों पर तुरंत सावधान होना चाहिए? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

हार्ट अटैक को आमतौर पर तेज सीने में

हार्ट अटैक को आमतौर पर तेज सीने में दर्द, दबाव या भारीपन से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन हर मरीज में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते। नए शोध में सामने आया है कि हार्ट अटैक के मरीजों में हाथ-पैर ठंडे पड़ना और सांस लेते समय फेफड़ों में खरखराहट जैसी स्थिति गंभीर खतरे का संकेत हो सकती है। खास तौर पर हाथ-पैर ठंडे रहने वाले मरीजों में अस्पताल के दौरान मौत का जोखिम ज्यादा पाया गया। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अचानक या लगातार सांस फूलना। हाथ-पैर असामान्य रूप से ठंडे पड़ना। सांस लेते समय फेफड़ों में खरखराहट सुनाई देना। सीने में दर्द, दबाव या भारीपन। अचानक कमजोरी, पसीना या चक्कर जैसी परेशानी।

अगर ऐसे लक्षण अचानक और गंभीर रूप से

अगर ऐसे लक्षण अचानक और गंभीर रूप से दिखाई दें तो इसे सामान्य परेशानी समझकर घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए। हार्ट अटैक एक आपात स्थिति है और जल्दी चिकित्सा सहायता मिलना महत्वपूर्ण होता है।

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शोध: सीने में दर्द ही नहीं, हाथ-पैर ठंडे पड़ना और सांस फूलना भी हार्ट अटैक के संकेत, कई बड़े खुलासे आए सामने

हार्ट अटैक का नाम आते ही सबसे पहले सीने में दर्द याद आता है, लेकिन नए शोध ने कुछ दूसरे गंभीर संकेतों पर ध्यान खींचा है। हार्ट अटैक के मरीजों में हाथ-पैर ठंडे पड़ना और फेफड़ों में खरखराहट अस्पताल में…

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Source: Amar Ujala
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