[{"data":1,"prerenderedAt":-1},["ShallowReactive",2],{"$fi9rwh2rjo7tg":3},{"_id":4,"slug":5,"title":6,"subtitle":7,"kind":8,"cards":9,"tags":59,"categories":61,"source":63,"lang":66,"author":67,"audioState":70,"stats":71,"publishedAt":74,"renderer":75},"6abcc5afca21c797c7ea10f7","post-96e03025","बड़ी राहत: दिल के मरीजों के लिए गुड न्यूज, हार्ट की इस जानलेवा समस्या का अब शुरुआती में ही चल जाएगा पता","दिल की मांसपेशियों में छिपी सूजन यानी कार्डियक सारकॉइडोसिस शुरुआत में बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकती है। एम्स के अध्ययन में उन्नत कार्डियक एमआरआई से दिल के सूक्ष्म बदलावों की पहचान के संकेत मिले है।…","news",[10,14,19,24,29,34,39,44,49,54],{"headline":11,"body":12,"imageUrl":13,"sourceImageUrl":13},"बड़ी राहत: दिल के मरीजों के लिए गुड न्यूज, हार्ट की इस जानलेवा समस्या का अब…","दिल की मांसपेशियों में छिपी सूजन यानी कार्डियक सारकॉइडोसिस शुरुआत में बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकती है। एम्स के अध्ययन में उन्नत कार्डियक एमआरआई से दिल के सूक्ष्म बदलावों की पहचान के संकेत मिले है। समय पर बीमारी की पता चलने से गंभीर खतरों को कम किया जा सकेगा।","https:\u002F\u002Fstaticimg.amarujala.com\u002Fassets\u002Fimages\u002F2026\u002F09\u002F30\u002Fheart_500d22f1539fe466de7c7100f648f404.jpeg?w=1200&dpr=1.0",{"headline":15,"body":16,"imageUrl":17,"images":18},"दिल की बीमारी का मतलब हमेशा सिर्फ ब्लॉकेज","दिल की बीमारी का मतलब हमेशा सिर्फ ब्लॉकेज या हार्ट अटैक ही नहीं होता। कई बार दिल की मांसपेशियों के अंदर ऐसी सूजन शुरू हो सकती है, जिसका शुरुआती दौर में बाहर से कोई साफ संकेत नहीं मिलता। समस्या यह है कि जब तक इसके लक्षण सामने आते हैं, तब तक दिल के कामकाज पर असर पड़ना शुरू हो सकता है। इसी छिपी हुई समस्या को समय रहते पकड़ने की दिशा में एम्स के एक अध्ययन ने नई उम्मीद जगाई है।","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-96e03025\u002F1.webp",{"local":17},{"headline":20,"body":21,"imageUrl":22,"images":23},"एम्स दिल्ली के कार्डियोवास्कुलर रेडियोलॉजी एंड एंडोवास्कुलर इंटरवेंशंस","एम्स दिल्ली के कार्डियोवास्कुलर रेडियोलॉजी एंड एंडोवास्कुलर इंटरवेंशंस, कार्डियोलॉजी और जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग ने संयुक्त अध्ययन ने दिल के मरीजों को बड़ी राहत दी है। हृदय की मांसपेशियों में छिपी सूजन (कार्डियक सारकॉइडोसिस) से पीड़ित मरीजों को इससे सीधा लाभ मिल सकता है। अब आसानी से दिल की सूजन और शुरुआती क्षति का पता लगाया जा सकेगा। यह सब होगा उन्नत कार्डियक एमआरआई तकनीक से। विशेषज्ञ कहते हैं, इससे बीमारी के कारण हृदय को होने वाले नुकसान का आकलन करने, मरीजों की निगरानी और भविष्य में होने वाले जोखिमों को समझने में मदद मिल सकती है। हृदय की मांसपेशियों पर बीमारी के प्रभाव को समझना होगा आसान यह अध्ययन इंडियन जर्नल ऑफ रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग में प्रकाशित हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, हृदय की मांसपेशियों में होने वाले बदलावों की पहचान में यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। एम्स के कार्डियोवास्कुलर रेडियोलॉजी एंड एंडोवास्कुलर इंटरवेंशंस विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ.","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-96e03025\u002F2.webp",{"local":22},{"headline":25,"body":26,"imageUrl":27,"images":28},"अमरिंदर सिंह मल्ही ने बताया कि कार्डियक एमआरआई","अमरिंदर सिंह मल्ही ने बताया कि कार्डियक एमआरआई में टी-1 मैपिंग, टी-2 मैपिंग और लेट गैडोलिनियम एन्हांसमेंट (एलजीई) को शामिल करने से हृदय की मांसपेशियों पर बीमारी के प्रभाव का बेहतर आकलन किया जा सकता है।","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-96e03025\u002F3.webp",{"local":27},{"headline":30,"body":31,"imageUrl":32,"images":33},"टी-1 मैपिंग एक एडवांस्ड कार्डिएक मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग","टी-1 मैपिंग एक एडवांस्ड कार्डिएक मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग तकनीक है, जिसका उपयोग हृदय की मांसपेशियों (मायोकार्डियम) के ऊतकों के स्वास्थ्य और उनमें होने वाले सूक्ष्म बदलावों को मापने के लिए किया जाता है।","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-96e03025\u002F4.webp",{"local":32},{"headline":35,"body":36,"imageUrl":37,"images":38},"टी-2 मैपिंग एक आधुनिक और क्वांटेटिव एमआरआई तकनीक","टी-2 मैपिंग एक आधुनिक और क्वांटेटिव एमआरआई तकनीक है, जिसका उपयोग ऊतकों के भीतर पानी की मात्रा और आणविक गतिशीलता का सटीक आकलन करने के लिए किया जाता है।","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-96e03025\u002F5.webp",{"local":37},{"headline":40,"body":41,"imageUrl":42,"images":43},"लेट गैडोलिनियम एन्हांसमेंट कार्डियक एमआरआई में इस्तेमाल की","लेट गैडोलिनियम एन्हांसमेंट कार्डियक एमआरआई में इस्तेमाल की जाने वाली एक विशेष इमेजिंग तकनीक है। इसका मुख्य उद्देश्य दिल की मांसपेशियों में स्कार, फाइब्रोसिस, या मृत ऊतकों का पता लगाना है।","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-96e03025\u002F6.webp",{"local":42},{"headline":45,"body":46,"imageUrl":47,"images":48},"68 फीसदी मरीजों को थी धड़कन तेज होने","68 फीसदी मरीजों को थी धड़कन तेज होने की शिकायत अध्ययन में शामिल मरीजों की औसत उम्र 38 वर्ष थी। 68.4 फीसदी मरीजों को दिल की धड़कन तेज या अनियमित होने की समस्या थी, जबकि 52.63 फीसदी मरीजों को सांस फूलने की शिकायत थी।","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-96e03025\u002F7.webp",{"local":47},{"headline":50,"body":51,"imageUrl":52,"images":53},"एमआरआई जांच में 63.15 फीसदी मरीजों में एलजीई","एमआरआई जांच में 63.15 फीसदी मरीजों में एलजीई के संकेत मिले। इनमें बीमारी का असर मुख्य रूप से हृदय की मांसपेशियों के बीच वाले हिस्से और बाहरी परत के पास देखा गया।","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-96e03025\u002F8.webp",{"local":52},{"headline":55,"body":56,"imageUrl":57,"images":58},"टी-1 मैपिंग में 1,029 मिलीसेकंड के कटऑफ पर","टी-1 मैपिंग में 1,029 मिलीसेकंड के कटऑफ पर प्रभावित हिस्सों की पहचान की संवेदनशीलता 87.5 फीसदी और विशिष्टता 96.9 फीसदी रही।","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-96e03025\u002F9.webp",{"local":57},[60],"asia",[62],"World & Politics",{"name":64,"url":65},"Amar Ujala","https:\u002F\u002Fwww.amarujala.com\u002Flifestyle\u002Ffitness\u002Fheart-inflammation-can-be-detected-earlier-with-advanced-cardiac-mri-aiims-study-2026-09-30","hi",{"handle":68,"displayName":69},"spots","Spots",null,{"views":72,"likes":73,"saves":73,"shares":73,"completions":73,"opens":73,"skips":73,"depthSum":73},1,0,"2026-09-30T08:17:51.912Z","local"]