
समरसता व भाईचारे का संदेश: सिंघल जी का जीवन मानवता के कल्याण के लिए समर्पित…
स्व. अशोक सिंघल जी मानते थे कि समाज में किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसीलिए, उन्होंने राम मंदिर की पहली ईंट वंचित वर्ग के श्री कामेश्वर चौपाल जी से रखवाने की बात कही थी। काशी की एक धर्म संसद में भी उन्होंने डोम राजा को सम्मानित किया था।

