[{"data":1,"prerenderedAt":-1},["ShallowReactive",2],{"$f34rdqu7688fnd":3},{"_id":4,"slug":5,"title":6,"subtitle":7,"kind":8,"cards":9,"tags":58,"categories":60,"source":62,"lang":65,"author":66,"audioState":69,"stats":70,"publishedAt":73,"renderer":74},"6aba74a8ca21c797c7e98b70","post-18888a1d","अमेरिका की हाइपरसोनिक मिसाइल 'ब्लैकबीयर्ड' का पहला फ्लाइट टेस्ट सफल","अमेरिकी नौसेना ने ब्लैकबीयर्ड हाइपरसोनिक मिसाइल का पहला फ्लाइट टेस्ट फुटेज जारी किया.","news",[10,13,18,23,28,33,38,43,48,53],{"headline":6,"body":11,"imageUrl":12,"sourceImageUrl":12},"अमेरिकी नौसेना ने ब्लैकबीयर्ड हाइपरसोनिक मिसाइल का पहला फ्लाइट टेस्ट फुटेज जारी किया. यह F\u002FA-18E\u002FF पर लगे हुए दिखा. 6174 km\u002Fhr से तेज स्पीड. करीब 2.88 करोड़ रुपये प्रति मिसाइल कीमत है. 2028 तक तैनाती का लक्ष्य है. (अपडेटेड 28 सितंबर 2026, 6:52 PM IST)","https:\u002F\u002Fakm-img-a-in.tosshub.com\u002Faajtak\u002Fimages\u002Fstory\u002F202609\u002F6aba667c4852f-blackbeard-hypersonic-missile-280706887-16x9.jpg",{"headline":14,"body":15,"imageUrl":16,"images":17},"अमेरिकी नौसेना ने अपने नए हाइपरसोनिक स्ट्राइक मिसाइल","अमेरिकी नौसेना ने अपने नए हाइपरसोनिक स्ट्राइक मिसाइल ब्लैकबीयर्ड का पहला उड़ान परीक्षण फुटेज जारी किया है. फुटेज में मिसाइल F\u002FA-18E\u002FF सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान के पंखों के नीचे लगी हुई दिखाई दे रही है. यह विकास कैस्टेलियन कंपनी द्वारा नौसेना के मल्टी-मिशन अफोर्डेबल कैपेसिटी इफेक्टर (मेस) कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है. मिसाइल मैक 5 से अधिक गति से उड़ान भरने में सक्षम है. करीब 34 किलोग्राम का पेलोड ले जा सकती है.","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-18888a1d\u002F1.webp",{"local":16},{"headline":19,"body":20,"imageUrl":21,"images":22},"ब्लैकबीयर्ड एक सस्ती और तेज उत्पादन वाली हाइपरसोनिक","ब्लैकबीयर्ड एक सस्ती और तेज उत्पादन वाली हाइपरसोनिक मिसाइल है. पारंपरिक हाइपरसोनिक हथियारों की तुलना में इसे कम लागत पर और बड़ी संख्या में बनाने पर जोर दिया गया है. प्रति यूनिट कीमत करीब 3 लाख डॉलर यानी लगभग 2.88 करोड़ भारतीय रुपये है. उत्पादन दर सालाना 500 मिसाइल रखने का लक्ष्य है. इसकी रेंज 800 किलोमीटर बताई जा रही है. हवा से जहाज पर मार करने के लिए ये रेंज बेहद ही खतरनाक है. इतनी रेंज से अमेरिका भारी तबाही मचा सकता है.","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-18888a1d\u002F2.webp",{"local":21},{"headline":24,"body":25,"imageUrl":26,"images":27},"यह मिसाइल दुश्मन के जहाजों पर हमला करने","यह मिसाइल दुश्मन के जहाजों पर हमला करने के लिए खास तौर पर उपयोगी मानी जा रही है. यह कैरियर बेस्ड एयर विंग्स को तेज और लंबी दूरी का स्टैंडऑफ देगी यानी विमान सुरक्षित दूरी से हमला कर सकेंगे. फिलहाल परीक्षण F\u002FA-18E\u002FF सुपर हॉर्नेट पर हो रहा है.","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-18888a1d\u002F3.webp",{"local":26},{"headline":29,"body":30,"imageUrl":31,"images":32},"नौसेना 2028 तक कम से कम सीमित संख्या","नौसेना 2028 तक कम से कम सीमित संख्या में इसे तैनात करने का लक्ष्य रख रही है. इसके अलावा F35 फाइटर जेट में भी इसे इंटीग्रेट किया जाएगा. F35 फाइटर जेट अपने इंटरनल वेपन बे में चार ब्लैकबीयर्ड मिसाइल ले जा सकेगा जिससे इसकी स्टील्थ क्षमता बनी रहेगी. यह नेटवर्क सेंट्रिक युद्ध और समुद्री हमलों में नौसेना की ताकत बढ़ाएगा.","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-18888a1d\u002F4.webp",{"local":31},{"headline":34,"body":35,"imageUrl":36,"images":37},"मेस कार्यक्रम का मकसद सस्ती लेकिन प्रभावी हाइपरसोनिक","मेस कार्यक्रम का मकसद सस्ती लेकिन प्रभावी हाइपरसोनिक क्षमता हासिल करना है. पारंपरिक हाइपरसोनिक मिसाइलें बहुत महंगी और कम संख्या में उपलब्ध होती हैं. ब्लैकबीयर्ड को बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है. कैस्टेलियन ने तेजी से विकास किया है और कई उड़ान परीक्षण पूरे कर चुका है.","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-18888a1d\u002F5.webp",{"local":36},{"headline":39,"body":40,"imageUrl":41,"images":42},"नौसेना इसे अपने मुख्य हाइपरसोनिक स्ट्राइक विकल्प के","नौसेना इसे अपने मुख्य हाइपरसोनिक स्ट्राइक विकल्प के रूप में देख रही है. इनका रास्ता बदलना मुश्किल होता है इसलिए दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली इन्हें रोक नहीं पाती. समुद्री युद्ध में दुश्मन के जहाजों या तटवर्ती ठिकानों पर तेज हमला करने की क्षमता बढ़ेगी. सस्ती कीमत और तेज उत्पादन से नौसेना बड़ी संख्या में इन्हें तैनात कर सकेगी. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह अमेरिका की समुद्री शक्ति को मजबूत करेगा.","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-18888a1d\u002F6.webp",{"local":41},{"headline":44,"body":45,"imageUrl":46,"images":47},"मिसाइल को सस्ता और तेजी से बनाने पर","मिसाइल को सस्ता और तेजी से बनाने पर जोर है. सालाना 500 यूनिट का लक्ष्य रखा गया है. शुरुआती उत्पादन ऑर्डर दिए जा चुके हैं. F\u002FA-18 पर इंटीग्रेशन के लिए डील हुए हैं. आगे एफ-35 तथा अन्य प्लेटफॉर्म पर भी काम चलेगा. कुछ रिपोर्ट्स में इसे सेना के हिमार्स सिस्टम और समुद्री प्लेटफॉर्म पर भी आजमाने की बात कही गई है.","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-18888a1d\u002F7.webp",{"local":46},{"headline":49,"body":50,"imageUrl":51,"images":52},"हाइपरसोनिक तकनीक जटिल है. गर्मी, मार्गदर्शन और सटीकता","हाइपरसोनिक तकनीक जटिल है. गर्मी, मार्गदर्शन और सटीकता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है. लेकिन कैस्टेलियन ने कम समय में कई परीक्षण पूरे किए हैं. अगर उत्पादन लक्ष्य पूरा हुआ तो अमेरिका के पास सस्ती हाइपरसोनिक क्षमता उपलब्ध होगी जो चीन और रूस जैसे प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले फायदेमंद साबित हो सकती है. भारतीय संदर्भ में देखें तो ऐसी मिसाइलें क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं.","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-18888a1d\u002F8.webp",{"local":51},{"headline":54,"body":55,"imageUrl":56,"images":57},"अमेरिकी नौसेना का यह कदम भविष्य के युद्ध","अमेरिकी नौसेना का यह कदम भविष्य के युद्ध में गति, दूरी और संख्या के महत्व को रेखांकित करता है. ब्लैकबीयर्ड अगर समय पर तैयार हो गई तो यह नौसेना के शस्त्रागार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगी. सस्ती कीमत (करीब 2.88 करोड़ रुपये प्रति मिसाइल) इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लायक बनाती है. सबसे तेज़ ख़बरों के लिए आजतक ऐप","\u002Fapi\u002Fmedia\u002Fposts\u002Fpost-18888a1d\u002F9.webp",{"local":56},[59],"asia",[61],"World & Politics",{"name":63,"url":64},"Aaj Tak","https:\u002F\u002Fwww.aajtak.in\u002Fdefence-news\u002Fstory\u002Fblackbeard-hypersonic-missile-us-navy-flight-test-dskc-2655649-2026-09-28?utm_source=rssfeed","hi",{"handle":67,"displayName":68},"spots","Spots",null,{"views":71,"likes":72,"saves":72,"shares":72,"completions":72,"opens":72,"skips":72,"depthSum":72},3,0,"2026-09-28T14:07:36.116Z","local"]