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एक्सप्लेनर: स्मॉग वाले मौसम से निपटने का दिल्ली सरकार का क्या प्लान, पिछले पांच…

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियां आते ही प्रदूषण बढ़ने लगता है और हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बन जाती है। इस बार दिल्ली सरकार ने प्रदूषण हॉटस्पॉट, वाहनों, धूल और कचरा प्रबंधन को लेकर कई कदम तय किए हैं। लेकिन क्या इन तैयारियों से हालात बदल पाएंगे? पिछले पांच साल में दिल्ली की हवा कितनी बदली और इस बार सरकार का प्लान क्या है? आइए जानते हैं।

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियां आते ही प्रदूषण बढ़ने लगता

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियां आते ही प्रदूषण बढ़ने लगता है और हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बन जाती है। इस बार दिल्ली सरकार ने प्रदूषण हॉटस्पॉट, वाहनों, धूल और कचरा प्रबंधन को लेकर कई कदम तय किए हैं। लेकिन क्या इन तैयारियों से हालात बदल पाएंगे? पिछले पांच साल में दिल्ली की हवा कितनी बदली और इस बार सरकार का प्लान क्या है? आइए जानते हैं। दिल्ली सरकार की बैठक में क्या फैसला हुआ?

दिल्ली के 37 चिह्नित प्रदूषण वाले इलाकों में

दिल्ली के 37 चिह्नित प्रदूषण वाले इलाकों में 10 अक्तूबर तक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया गया। हर इलाके में प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों के आधार पर अलग कार्रवाई तय करने की बात कही गई।

दिल्ली के सभी 500 स्वचालित नंबर प्लेट पहचान

दिल्ली के सभी 500 स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली वाले पेट्रोल पंपों पर 'बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र ईंधन नहीं' अभियान चलाने का फैसला किया गया। इसके तहत वाहन चालकों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की जांच और जागरूकता अभियान चलाया जाना है।

1 से 10 अक्तूबर के बीच दिल्ली मेट्रो

1 से 10 अक्तूबर के बीच दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप को अपनाने के लिए अभियान चलाने का फैसला किया गया। इसके लिए आवासीय समितियों और जनप्रतिनिधियों के साथ डाउनलोड शिविर लगाए जाने हैं।

प्रदूषण और यातायात वाले इलाकों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों

प्रदूषण और यातायात वाले इलाकों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आरडब्ल्यूए, व्यापारियों और यातायात पुलिस के साथ नियमित निरीक्षण करने का फैसला किया गया। दिल्ली में 1,193 किलोमीटर सड़क का पुनर्विकास पूरा किया गया है। बाकी काम 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

कचरा प्रबंधन और खुले में कचरा जलाने पर

कचरा प्रबंधन और खुले में कचरा जलाने पर रोक के लिए वार्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने का फैसला किया गया है। 15 अक्तूबर तक वार्ड और जिला स्तर पर निगरानी दल तैनात करने की योजना बनाई गई है।

निर्माण और तोड़फोड़ से पैदा होने वाली धूल

निर्माण और तोड़फोड़ से पैदा होने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और बाहरी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला किया गया है।

सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में प्रदूषण

सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध, पार्किंग शुल्क दोगुना करने, कार्यालयों के समय में बदलाव और 50 प्रतिशत घर से काम की व्यवस्था जैसे कदम तय किए गए हैं।

1 नवंबर 2026 से दिल्ली के बाहर पंजीकृत

1 नवंबर 2026 से दिल्ली के बाहर पंजीकृत और बीएस-6 से नीचे के उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को इससे छूट दी गई है।

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एक्सप्लेनर: स्मॉग वाले मौसम से निपटने का दिल्ली सरकार का क्या प्लान, पिछले पांच साल में कितने बदले हालात?

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियां आते ही प्रदूषण बढ़ने लगता है और हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बन जाती है। इस बार दिल्ली सरकार ने प्रदूषण हॉटस्पॉट, वाहनों, धूल और कचरा प्रबंधन को लेकर कई कदम तय किए हैं। लेकिन क्या इन तैयारियों से हालात बदल पाएंगे?

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Source: Amar Ujala
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