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Kendra Drishti Rajyog 2026: 2 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग, 3…

Kendra Drishti Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को बुद्धि के कारक बुध और पराक्रम के कारक मंगल के बीच केंद्र दृष्टि योग बनने जा रहा है. इस दुर्लभ संयोग से मिथुन, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों को करियर और व्यापार में अपार सफलता मिलने वाली है. (अपडेटेड 29 सितंबर 2026, 7:09 AM IST)

Kendra Drishti Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष में ग्रहों

Kendra Drishti Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनके बीच बनने वाले कोण का विशेष महत्व होता है. पंचांगीय गणना के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को बुद्धि, संवाद व व्यापार के कारक बुध देव और साहस, ऊर्जा व पराक्रम के कारक मंगल देव एक-दूसरे से ठीक 90 डिग्री की दूरी पर स्थित होंगे.

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जब दो ग्रह एक-दूसरे से

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जब दो ग्रह एक-दूसरे से चतुर्थ और दशम भाव की दूरी पर होते हैं, तो 'केंद्र दृष्टि योग' (Square Aspect) का निर्माण होता है. बुध की तार्किक क्षमता और मंगल की आक्रामक ऊर्जा का यह दुर्लभ संयोग जातकों की निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और कार्यकुशलता को अचानक बढ़ा देता है. वैसे तो इस दृष्टि योग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 3 विशेष राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह योग बेहद शुभ, धनदायक और करियर में बड़ी छलांग लगाने वाला साबित होगा. आइए जानते हैं कि 2 अक्टूबर को बनने वाले इस केंद्र दृष्टि योग से किन राशियों को सबसे बड़ा फायदा मिलने जा रहा है.

मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं

मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं. मंगल और बुध का यह केंद्र संबंध आपके करियर और आर्थिक जीवन में सकारात्मक हलचल लाएगा. जो लोग मार्केटिंग, मीडिया, सेल्स, आईटी या लेखन क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और संवाद शैली से कोई बड़ा सौदा हाथ लग सकता है. बिजनेस में नए क्लाइंट्स जुड़ने से मुनाफा तेजी से बढ़ेगा. आपकी योजनाएं सटीक बैठेंगी, जिससे रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं.

कन्या राशि भी बुध के आधिपत्य वाली राशि

कन्या राशि भी बुध के आधिपत्य वाली राशि है. 2 अक्टूबर को बनने वाला यह योग आपके कार्यक्षेत्र (कर्म भाव) को अत्यधिक ऊर्जावान बनाएगा. नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर में कोई बड़ी जिम्मेदारी या किसी टीम को लीड करने का मौका मिल सकता है. अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बेहतर होगा, जिससे आपके काम की सराहना होगी. संपत्ति, भूमि या वाहन से जुड़े पुराने मामलों में आपके पक्ष में फैसला आ सकता है.

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल देव हैं. मंगल

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल देव हैं. मंगल की ऊर्जा पर बुध की तार्किक दृष्टि पड़ने से इस राशि के जातकों को हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी. साहसिक फैसलों और नए निवेश से अप्रत्याशित आर्थिक लाभ होने की संभावना है. जो जातक लंबे समय से किसी प्रतियोगी परीक्षा या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कोई सुखद समाचार मिल सकता है. विरोधियों और शत्रुओं पर आपकी बुद्धिमत्ता व पराक्रम की विजय होगी. शुभ प्रभाव को और बढ़ाने के अचूक उपाय - 2 अक्टूबर के दिन भगवान श्री गणेश को 21 दूर्वा (घास) अर्पित करें और मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. - मंगल की सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. - किसी जरूरतमंद को हरी मूंग की दाल या हरे कपड़े का दान करना अत्यंत शुभ रहेगा. सबसे तेज़ ख़बरों के लिए आजतक ऐप

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Kendra Drishti Rajyog 2026: 2 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग, 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

Kendra Drishti Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को बुद्धि के कारक बुध और पराक्रम के कारक मंगल के बीच केंद्र दृष्टि योग बनने जा रहा है.

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Source: Aaj Tak
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