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बद्रीनाथ डीजे विवाद: तेज़ संगीत और शोर-शराबे वाले कार्यक्रम के लिए ज़िम्मेदार…

इमेज स्रोत, Bhaswaran Bhattacharya/IndiaPictures/Universal Images Group via Getty Images) Author, आसिफ़ अलीपदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए........से, देहरादून पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए

बद्रीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को

बद्रीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को हुए 'देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026' के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो सवाल उठने लगे कि मंदिर से सटे इलाके में तेज़ संगीत और डीजे के साथ ऐसा कार्यक्रम क्यों हुआ.

लेकिन विवाद सिर्फ़ कार्यक्रम के स्वरूप तक सीमित

लेकिन विवाद सिर्फ़ कार्यक्रम के स्वरूप तक सीमित नहीं रहा. सवाल अब यह भी है कि इस आयोजन की अनुमति किसने दी, इसकी रूपरेखा किसने बनाई और इसकी ज़िम्मेदारी आख़िर किसकी थी?

पहले कहा गया था कि कार्यक्रम चमोली जिला

पहले कहा गया था कि कार्यक्रम चमोली जिला प्रशासन और भारतीय सेना की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित हुआ था. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

लेकिन विवाद के बाद चमोली के जिलाधिकारी गौरव

लेकिन विवाद के बाद चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चयन और उनके स्वरूप में प्रशासन की कोई भूमिका नहीं थी और इसके लिए उससे कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी. प्रशासन ने सेना से इस संबंध में जवाब मांगा है.

दूसरी ओर, स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम को कवर

दूसरी ओर, स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम को कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र रावत के मुताबिक़ इस आयोजन के दौरान मौके पर कोई विरोध नहीं हुआ था. उनके अनुसार, विवाद 21 सितंबर के बाद तब शुरू हुआ, जब कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. इस पूरे मामले में तीर्थ पुरोहितों और संतों ने धाम की मर्यादा का सवाल उठाया है.

जबकि उत्तराखंड के धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री सतपाल

जबकि उत्तराखंड के धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा "बद्रीनाथ में संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर परंपरा आधारित कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है." हालांकि कार्यक्रम के आयोजन और विवाद से जुड़े दूसरे सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. यानी बद्रीनाथ का यह कार्यक्रम अब सिर्फ़ डीजे या एक कलाकार के गीतों का विवाद नहीं रह गया है. इसके केंद्र में एक बड़ा सवाल है- आख़िर इस आयोजन की ज़िम्मेदारी किसकी थी और अगर कोई चूक हुई तो उसकी जवाबदेही कौन लेगा? बद्रीनाथ का कार्यक्रम और सोशल मीडिया पर विवाद 19 और 20 सितंबर को बद्रीनाथ के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में 'देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026' आयोजित किया गया.

कार्यक्रम को 'हमारी विरासत, हमारा भविष्य' थीम के

कार्यक्रम को 'हमारी विरासत, हमारा भविष्य' थीम के साथ वाइब्रेंट विलेज योजना और सीमांत गांवों की संस्कृति से जोड़ा गया था. इसमें स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही गई थी.

कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, स्थानीय

कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, स्थानीय कलाकारों और सेना से जुड़े कार्यक्रमों के साथ प्रदेश की गायिका प्रियंका मेहर की प्रस्तुति भी हुई थी.

कार्यक्रम के दौरान किसी बड़े विरोध की बात

कार्यक्रम के दौरान किसी बड़े विरोध की बात सामने नहीं आई. लेकिन बाद में कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे. इनमें तेज़ साउंड सिस्टम, डीजे और नृत्य के दृश्य थे.

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बद्रीनाथ डीजे विवाद: तेज़ संगीत और शोर-शराबे वाले कार्यक्रम के लिए ज़िम्मेदार कौन - BBC News हिंदी

इमेज स्रोत, Bhaswaran Bhattacharya/IndiaPictures/Universal Images Group via Getty Images) Author, आसिफ़ अलीपदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए........से, देहरादून पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए

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Source: BBC Hindi
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